आदरणीय चित्रांश बंधुओं एवं बहनों।

यह सर्वविदित सत्य है कि आज के समय में बिना राजनीतिक संरक्षण के हमारे युवा पीढ़ी सर्वगुण संपन्न होने के बाद भी बेरोजगारी से जूझ रही है।
विभिन्न राजनीतिक पार्टिया हमको एक बंधुआ मजदूर की तरह अपना मतदाता मानती है और इसी कारण भारतीय जनता पार्टी के संपूर्ण समर्थन के बाद भी वह उचित नहीं समझते कि हमारे समाज के किसी व्यक्ति को टिकट देकर सत्ता में लाए।
सत्य मानिए तो भारतीय जनता पार्टी आज कायस्थ विरोधी पार्टी के रूप में कार्य कर रही है। जिस तरह से पूर्व वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ,खेल मंत्री शत्रुघ्न सिन्हा ,राज्यसभा सदस्य आर के सिन्हा एवं एकमात्र मौजूदा समय में विधि मंत्री रवी शंकर प्रसाद जी को बेइज्जत करके पार्टी से निकाला गया है ,वह यही संदेश देता है कि भारतीय जनता पार्टी को कायस्थ समाज की, जो एक तरफा उनको वोट देता था ,की जरूरत नहीं है।
अन्य पार्टियां इसी कारण से कायस्थ समाज के लोगों को टिकट नहीं देती है कि वह भारतीय जनता पार्टी के मतदाता है। अतः आवश्यक हो गया है एक बार फिर से हम विभिन्न राजनैतिक पार्टियों को यह संदेश दे कि अगर वह कायस्थ बाहुल्य क्षेत्र से हमारे नुमाइंदों को टिकट देते तो हमारा और उनका वह मत मिलकर उनके विधायकों की एक संख्या बढ़ जाती ।
सिद्धार्थ नाथ सिंह यद्यपि की कायस्थ हैं परंतु उनको कायस्थों से मिलने में या उनके लिए काम करने में बड़ी
बेइज्जती महसूस होती है और फिर वह दिल्ली के रहने वाले इलाहाबाद के कायस्थों का दर्द क्या समझे। वैसे भी उनके स्वास्थ्य मंत्री के कार्यकाल में जो वित्तीय अनियमितता का आरोप उन पर लगा और जिस तरीके से उनको स्वास्थ्य मंत्री के पद से हटाया गया वह कायस्थ समाज के लिए कलंक है।
बड़ी आशा थी कि इस बार भारतीय जनता पार्टी या समाजवादी पार्टी आदि किसी कायस्थ को उम्मीदवार बनाएगी परंतु जिस तरह का तिरस्कार हमारे समाज का किया गया अब असहनीय हो रहा है ।हमारे बीच तमाम ऐसे व्यक्ति जैसे डॉक्टर केपी श्रीवास्तव श्री , डॉ सुशील सिन्हा, कुमार नारायण ,प्रवीण श्रीवास्तव, पुनीत वर्मा ऐसे दिग्गज भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता एवं नेता है ।
यदि समाजवादी पार्टी की बात की जाए तोश्री टीपी सिंह, श्री सचिंद्र श्रीवास्तव, श्री केके श्रीवास्तव ,पीयूष श्रीवास्तव श्री अजय श्रीवास्तव आदि ऐसे कार्य करता है जो चुनाव लड़के जीत सकते हैं। विशेष रुप से शहर उत्तरी से जहां लगभग 1,45000 केवल कायस्थ मतदाता है अत: यह आवश्यक हो गया है की अपनी शक्ति प्रदर्शन करके विभिन्न पार्टियों को एहसास कराया जाए की कायस्थ समाज कि अपनी एक हस्ती है और यदि राजनीतिक पार्टी अपना समर्थन दे दे तो विधायक बन कर उनकी सरकार बनाने में उनकी संख्या बढ़ा सकते हैं।

सत्य बात तो यह है कि अगर कायस्थ एकजुट हो जाए तो वह खुद इलाहाबाद सिटी नॉर्थ से अपना एक विधायक बना सकता है ।
अंत: यह निर्णय लिया गया है की शहर उत्तरी से एक कायस्थ
नुमाइंदा चुनकर लड़ाया जाए और करो या मरो का प्रण लेकर अंतिम प्रयास किया जाए और यदि कायस्थ समाज हमारी मदद नहीं करता है तो हम सब वह लोग जो समाज के हित की लड़ाई लड़ रहे हैं ,शांत होकर बैठ जाएं । यदि हमारा समाज ही हमारे साथ नहीं है ,तो फिर हम किसकी लड़ाई लड़ रहे हैं।
हमारे बीच की एक संभ्रांत महिला श्रीमती रतना श्रीवास्तव ने अपनी सेवाएं समर्पित की है। यह एक संभ्रांत परिवार , जिनके पति श्री धीरेंद्र श्रीवास्तव एक बैंक के मैनेजर, पुत्री पीसीएस क्वालीफाई करके एसडीएम पोस्टेड है ,और जिस का पुत्र इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म का कोर्स करके गोल्ड मेडलिस्ट है ,हमारे समाज का प्रतिनिधित्व करने के लिए तैयार है,अब हमें आपको अपना दायित्व निभाते हुए तन मन और धन से उनकी मदद करनी है। यदि हम अपने समाज के लोगों को ही समझा सकें की यह त्याग हमारे अस्तित्व के लिए है और हमें उनका समर्थन करना है तो हम अपने बल पर ही यह चुनाव जीत सकते हैं ।
आइए हम सब मिलकर यह शपथ लें कि हम अपना अपने परिवार का तथा आपने संपर्क यों का मत श्रीमती रचना श्रीवास्तव को ,राष्ट्रवादी विकास पार्टी, जो एक इलेक्शन कमीशन से पंजीकृत पार्टी है ,के चुनाव चिन्ह कलम बॉक्स पर निशान लगाकर जिताएंगे।
इस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनूप श्रीवास्तव जो
भारत के चीफ कमिश्नर एक्साइज थे और ब्रिगेडियर अनिल श्रीवास्तव राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं महामंत्री है ।मूल रूप से यह कायस्थों एवं संभ्रांत पढ़े लिखे लोगों की एक पार्टी है जिसका
उद्देश्य राष्ट्र का विकास है ।

ध्यान रखिए यह हमारी अंतिम लड़ाई है और अगर हम अपनी शक्ति न दिखा सके तो आगे आने वाले समय में हम कार्यकर्ताओं का भी दिल टूट जाएगा और हम शांत बैठने के लिए बाध्य होकर अपने आने वाले बच्चों का भविष्य शून्य में छोड़कर बैठ जाएंगे।

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